प्रशासन भी देख कर करती है अनदेखा
चुरचू। जिले के चुरचू प्रखंड मुख्यालय मुख्य पद से लेकर मुख्य पथ संत कोलंबस कॉलेज तक के सड़क में केंद्र सरकार के परिवहन नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है एक तरफ सरकार का सख्त आदेश है कि अब सड़क में स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाएंगे इसके बावजूद आज भी कई कई इलाकों की सड़कों में जगह-जगह पर बड़ी-बड़ी स्पीड ब्रेकर बना दिया गया है यह ठोकर हालात और परिस्थिति के अनुसार जरूर है लेकिन आवश्यकता से अधिक स्पीड ब्रेकर बनाना गलत है वही रेवार गांव में पेपर ब्लॉक को ही ब्रेकर का रूप दे दिया गया है आपको वहां बीच रास्ते में बड़ा पत्थर भी देखने को मिल सकता है आने जाने वाले कुछ अधिकारियों की नजर शायद उस पर नहीं जाती है इसीलिए अभी तक उन्हें प्रशासन का किसी भी तरह से भय नहीं है और वह मनमानी तरीके से सरकारी रोड को अपने तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।गांव में हजारीबाग संत कोलंबस मोड़ से चुरचू प्रखंड मुख्यालय की दूरी 18 किलोमीटर है और इस 18 किलोमीटर की दूरी में ठोकर की बात करें तो गिनते गिनते आप भूल जाएंगे की कितनी दूरी में कुल 33 जगह स्पीड ब्रेकर बना दिया गया है। जिसके कारण सबसे ज्यादा अगर किसी को परेशानी उठानी पड़ती है तो बड़े वाहन व मोटरसाइकिल के चालकों को बार-बार वाहन को धीरे करना या एक सबसे बड़ी समस्या है वाहन चालकों की समक्ष है वर्तमान समय में चुरचू से हजारीबाग आने के लिए यात्रियों को किराया 40 से ₹50 देना पड़ता है जो प्रति किलोमीटर के औसतन धर के हिसाब से ढाई गुना ज्यादा है