पाकुड़। झारखंड के साहिबगंज जिला के बोरियो प्रखंड के ग्राम गोंडा पहाड़ के सुरजा पहाड़िया की पुत्री 22 वर्षीय रूबिका पहाड़िया को बोरियों के ही बेलटोला निवासी दिलदार अंसारी द्वारा टुकड़े-टुकड़े कर मौत के घाट उतार दिया। यह एक बहुत बड़ी क्रूरता एवं जघन्य अपराध है। उपरोक्त बातें राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के रंजीत कुमार सिंह कही है। उन्होंने कहा की इस तरह से एक आदिम जनजाति की कमजोर वर्ग की बेटी को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है जो जघन्य अपराध है। ऐसे भी आदिम जनजाति विलुप्त होने के कगार पर है। मूलभूत सुविधा से वंचित है और पहाड़ों पर निवास करने को लेकर मजबूर है । राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी उक्त घटित घटना को कड़ी निंदा करती है। झारखंड सरकार अविलंब रुबिका के परिवार वालों को 10 लाख रुपैया एवं पीड़ित परिवार के सदस्य को नौकरी दे। क्योंकि झारखंड में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। बिना रायसुमारी के टीचर की वैकेंसी निकाली गई थी। उक्त वैकेंसी में झारखंड के मैट्रिक पास एवं इंटर पास होने की डाक्यूमेंट्स मांगा गया था। परंतु झारखंड उच्च न्यायालय ने उक्त वैकेंसी को रद्द कर दिया। गरीब दलित आदिवासी पिछड़ों अल्पसंख्यकों छात्र-छात्राओं के द्वारा वैकेंसी भरी गई थी परंतु उनका पैसा एवं भविष्य के साथ इस तरह के वैकेंसी निकालकर खिलवाड़ किया गया है। इससे साफ पता चलता है कि झारखंड सरकार की मनसा दो रंगी है। कहती कुछ है और करती कुछ है। जनता सब देख रही और समझ रही है। आने वाले चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगी।
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