अवैध खनन के कारण निरसा में जमीन फटने से चार लोग घायल, कई घरों में दरारें

ईसीएल प्रबंधन ने घटनास्थल का लिया जायजा

6

निरसा I  निरसा थाना के देवियाना में अवैध कोयला खनन के कारण खोखली जमीन दो सौ फीट व्यास के दायरे में फट गई। इससे आसपास के पांच घरों की दीवारों और आंगन में दरार पड़ गई है। लोग दहशत में हैं। अचानक भू-धंसान होने से अवैध खनन कर रहे चार लोगों के घायल होने की भी सूचना है। हालांकि घायलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रविवार को ईसीएल प्रबंधन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। घटना में देवियाना गांव के बाउरी टोला के पांच घरों की दीवारें फट गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि टोला के उत्तर दिशा में बैजना कोलियरी की बंद 14 नंबर खदान है। वहीं कुछ दूरी पर पश्चिम दिशा में चापापुर कोलियरी की बंद नौ नंबर खदान है। दोनों खदान करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी है। कोयला चोरों ने अवैध खनन कर जमीन को खोखला कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक तेज आवाज के साथ जमीन में कंपन होने लगी। कुछ सेकेंड में जमीन फटने लगी। दिलीप बाउरी के नवनिर्मित घर की चाहरदीवारी में दरार पड़ गई। कोका बाउरी के घर की एसबेस्ट्स शीट टूट गई। घर में बने तुलसी जी का चबूतरा तक नीचे धंस गया। घर की दीवार में जगह-जगह दरारें पड़ गईं। साथ ही काबुल बाउरी एवं माला बाउरी के घर को भी नुकसान पहुंचा है।

ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर में खाना खाने के बाद घर में आराम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ जमीन फटी। अफरातफरी मच गई। लोग घर से बाहर भागे। ग्रामीणों ने रोते बिलखते हुए कहा कि हमलोग दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। मुश्किल से घर बनाए हैं।

कोयले के अवैध खनन के कारण अब घर भी सुरक्षित नहीं है। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक पूर्व पंचायत प्रतिनिधि पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाया है। कहा कि पुलिस प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।

बगल में अवैध खनन का कुआं लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं धनबाद जिले में कोयले का अवैध खनन परवान पर है। निरसा कोयला क्षेत्र अवैध खनन को लेकर सबसे ज्यादा कुख्यात है। चापापुर और बैजना ईसीएल के चिह्नित उन 33 अवैध खनन क्षेत्रों में से हैं, जहां हमेशा कोयला तस्कर सक्रिय रहते हैं। जिला टास्क फोर्स की बैठक में भी इन दो क्षेत्रों की चर्चा हुई है। देवियाना की घटना में अवैध खनन के लिए बने कुआं के पास ही मलबा गिरा है। इसके बाद भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जाती है। दर्जनों बोरियों में भरा कोयला भी मिला है। सबकुछ सामने है। इसके बाद भी ईसीएल प्रबंधन एवं पुलिस इंकार कर रही है।

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/u00u

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *