प्राकृतिक ने यहां की खूबसूरती को अपने हाथों से गढ़ा है, चारों और हरियाली ही हरियाली है
झारखंड एवं बंगाल के कई जिलों से लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं यहां
पाकुड़। पाकुड़ जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल में से एक अमड़ापाड़ा स्थित प्रकृति विहार पार्क सह पिकनिक स्पॉट है। जो जिले की शोभा के रुप में जाना जाता है। यह पिकनिक स्पॉट 600 मीटर तक फैला हुआ है। बांसलोई नदी के किराने स्थित डाकबंग्ला परिसर में झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में भी विख्यात यह प्रकृति विहार पार्क की खूबसूरती देखती बनती है। इसके मुख्य रूप से अनवरत प्रवाहित बांसुरी नदी के बहते पानी की कल-कल ध्वनि के बीच चिड़ियों की चहचहाचट प्रकृति विहार पार्क में सुकून भर देती है। वही प्राकृति विहार पार्क से कुछ ही दूरी पर स्थित सघन जंगल के अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य में बसा गुम्मा पहाड़ भी है। माना जाता है कि गुम्मा पहाड़ एवं प्राकृति विहार के बीच जो बासलोई नदी है वह भागीरथी की सहायक नदियों में से एक है। प्राकृतिक ने यहां की खूबसूरती को अपने हाथों से गढ़ा है, चारों और हरियाली ही हरियाली है। वही प्रकृति विहार पार्क में बने हवा महल से गर्मियों की शाम में डूबते सूरज को निहारना खुद को तरोताजा कर देना होता है। प्रकृति विहार पार्क व बांसलोई नदी की सुंदरता दूर-दूर के पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेती है। यही कारण है कि नये साल के उत्सव में झारखंड- बंगाल के कई जिलों से लोग पिकनिक मनाने लोग पहुंचते हैं।अमड़ापाड़ा बाजार चारों ओर पहाड़ से घिरा हुआ है। वही 98 वर्ष पूर्व बासलोई नदी के ऊपर 1924 ई० में अंग्रेजों के द्वारा भारतीय मजदूरों का उपयोग कर बनाएं गए यह ब्रिज आज भी अपनी सेवा दे रहा है। आजाद भारत की जनता आज भी फायदा उठा रहे हैं, जो कि प्रकृति विहार के हवामहल से देखने में काफी खूबसूरत लगती है। यह ब्रिज की एक खूबी है पूरे पाकुड़ जिला में मात्र एक ब्रिज है जो ब्रिटिश शासन काल में बनाया गया था। वही इस ब्रिज को पाकुड़ जिला एवं अमड़ापाड़ा प्रखंड का प्रवेश बिंदु भी कहा जाता हैं। वही ब्रिज से सटे भव्य माँ वैष्णवी दुर्गा मंदिर श्रद्धा का असीम केंद्र भी है। वैष्णवी दुर्गा मंदिर को गुजरात के श्री अंबाजी मंदिर का रूप दिया जा रहा है। यह मंदिर अमड़ापाड़ा एवं आसपास के गांव के लोगों के श्रद्धा का केंद्र है। इस मंदिर में हर वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन यहाँ के स्थानीय लोगों के द्वारा काफी भव्यता के साथ मनाया जाता है। दुर्गा पूजा के मौके पर दूर-दूर के श्रद्धालु मंदिर में मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में सभी देवी देवता की प्राण प्रतिष्ठा है। इस मंदिर में शिवरात्रि, सरस्वती पूजा, सावन सहित अन्य त्योहारों को पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।
पिकनिक मनाने आते है लोग
पानी की कल-कल ध्वनि के बीच चिड़ियों की चहचहाचट प्रकृति विहार पार्क में सुकून भर देती है। प्रकृति विहार पार्क में बने हवा महल से गर्मियों की शाम में डूबते सूरज को निहारना खुद को तरोताजा कर देना होता है। अमड़ापाड़ा बाजार चारों ओर पहाड़ से घिरा हुआ है और बीच से नदी गुजरती है। प्रकृति की गोद में बसे इस गांव में आज भी लोग सुबह-सुबह नदियों की सैर करने को जाते हैं। वही यह जगह पूरे झारखंड सहित आस पास के क्षेत्रों में पिकनिक स्पॉट के नाम से काफी चर्चित है। दिसंबर माह के अंतिम कुछ दिनों से लगातार जनवरी माह तक लोगों का आवागमन इस जगह पर होता रहता है। लोगों को इस जगह पर घूमने से काफी आनंद मिलता है। सटे राज्य पश्चिम बंगाल से स्कूलों के द्वारा काफी संख्या में बच्चों का जत्था एवं शिक्षक यहाँ पिकनिक मनाते हुए कई बार देखा गया है।
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