दुमका। दुमका मुफस्सिल थाना के थानेदार पुलिस निरीक्षक उमेश राम के कार्यशैली के खिलाफ मृतक के परिजनों ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। 01 मई को उदय कुमार का नेतुरपहाड़ी स्थित घर से शव बरामद किया गया था। परिजनों का आरोप है कि उसकी प्रेमिका वंदना के पिता और पति ने मिलकर उमेश की हत्या कर दी है और आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखा से लटका दिया। सुबह वंदना ने ही मृतक के बहन को फोन कर बताया था कि उसके भाई ने आत्महत्या कर ली है। परिजनों का सवाल है कि महाराष्ट्र में रहने वाली वंदना को कैसे पता चला कि उदय ने आत्महत्या की है। मृतक के भाई पवन ने वंदना और उसके पिता अशोक साह पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन दिया था। पुलिस ने अगले दिन उसे थाना बुलाया और दूसरे से आवेदन लिखवाकर हस्ताक्षर करवा लिया। हत्या की बजाय आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया। तीन माह बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस ने वंदना से पूछताछ की और न ही उसके मोबाइल का सीडीआर निकाला है। यहां तक घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी का फुटेज नहीं निकाला गया। जब थाना जाकर इसकी मांग की तो थानेदार ने डांटकर भगा दिया और धमकी दी कि ‘‘ज्यादा कूदोगे तो तुमको ही जेल भेज देंगे।’’ दो घंटे तक चले धरना के बाद परिजनों ने कहा कि अगर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की तो वे अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रेमिका के पिता व पति पर लगाया हत्या का आरोप
दुमका। मृतक की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि बेटा उदय पहले आश्रम स्कूल के प्राचार्य अशोक साह के सोनवाडंगाल के घर के करीब किराया के मकान में रहता था। इसी दौरान उसकी प्रधानाध्यापक की बेटी वंदना से दोस्ती हो गयी। वह लगातार उसके बेटे पर शादी का दबाव डालती थी। तंग आकर बेटा नेतुरपहाड़ी में अपना मकान बनाकर रहने लगा। फिर भी वह फोन पर बात किया करती थी। अशोक साह ने बेटी की राजीव कुमार नामक युवक से दी। शादी के बाद भी लगातार उदय से फोन पर बात करती थी। इसी कारण अशोक और उसके दामाद ने उसके बेटे उदय की गला दबाकर हत्या कर दी।
जांच के लिए विशेष टीम का होगा गठन: एसडीपीओ
दुमका। दुमका एसडीपीओ नूर मुस्तफा ने बताया कि इस मामले को लेकर वह गंभीर हैं। वंदना से उन्होंने फोन पर बात की है और उसे अपना पक्ष रखने के लिए दुमका बुलाया है पर वह टर्नअप नहीं हो रही है। मुफस्सिल थानेदार को निर्देश दिया गया है कि पुलिस बल के साथ महाराष्ट्र जाकर वंदना को दुमका लाएं ताकि घटना को लेकर उससे पूछताछ की जा सके। पर तीन माह बीत जाने के बावजूद उसे दुमका लाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस बीच केस का आईओ बदल गया है जो वर्तमान में बासुकीनाथ ड्यूटी में है, जिस कारण जांच में तेजी नहीं आ पा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जल्द ही नगर थाना के एसआई की एक विशेष टीम गठित की जायेगी और सभी संदिग्धों का बयान दर्ज कर उसके सत्यता की जांच की जायेगी।