पेले की विरासत को कभी भुलाया नहीं जा सकता : सुनील खवाड़े 

फुटबॉल प्रेमी सुनील खवाड़े ने पेले के निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना

pele-fc-santos-1968-1671704089-98899
देवघर। 3 बार वर्ल्ड कप जीतने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी महानतम खेल आइकन फुटबॉलर पेले ने लंबी बीमारी के बाद जिंदगी को अलविदा कह दिया। पेले ने गुरुवार को ब्राजील के अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस दिग्गज खिलाड़ी के निधन के बाद न सिर्फ फुटबॉल जगत में बल्कि खेल प्रेमियों के बीच भी शोक की लहर फैल गई है। दुनिया का हर फुटबॉलर और फैन गमजदा है। देवघर के मशहूर समाजसेवी, स्कूल ओलिंपिक गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, जिला शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित फुटबॉल खेल प्रेमी सुनील खवाड़े ने पेले को श्रद्धांजलि देते कहा कि 
पेले जैसा खिलाड़ी कभी मरते नहीं वो खेल प्रेमियों के दिल में सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहते हैं, क्योंकि इस दिग्गज को व उनके द्वारा खेले गए खेल को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्री खवाड़े ने पेले के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पेले की विरासत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।श्री खवाड़े ने पेले को उनको शानदार खेल की बदौलत 2 दशक तक खेल प्रेमियों में दिल में राज करने वाले सर्वकालिक महान फुटबॉलरों में से एक बताया। 
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/w5iw

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *