आदित्य नारायण महाविद्यालय, दुमका के छात्रों ने रेशमकीट पालन,मधुमक्खी पालन और वार्मिकमपोस्ट का प्रशिक्षण प्राप्त किए
04-07-2022
ए. एन. कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय कुमार सिंह के निर्देश पर जूलॉजी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉक्टर रबीउल इस्लाम के नेतृत्व में रीजनल सेरीकल्चर रिसर्च स्टेशन सेंटर सिल्क बोर्ड दुमका में सभी छात्रों को परशिक्षण दिया गया । जहां बिज्ञानको ने बहुत ही बेहतरीन ढंग से बहुत सारे चीजों पर अवगत कराए । जिसमे से रेशम कीट का जीवन चक्र के बारे में बताया गया । रेशम कीट जब अंडा देता है , अंडा से कटरपिलर निकलता है, प्रथम श्रीणी लार्वा, द्वितीय श्रेणी लार्वा और तृतीय श्रेणी लार्वा के बारे में विस्तृत रूप से बताया । फिर उन्होंने बताया कि कोकून से धागा कैसे निकाला जाता है , धागा से कपड़े कैसे बनते है इसकी जानकारी दी । जिसमे की म्युराक्षी सिल्क उद्योक प्रसिद्ध है यहां पे चार प्रकार के रेशम किटों सहातुति राशन कीट , मुगा रेशमा कीट , एरी रेशम कीट के बारे मे जानकारी प्राप्त हुआ।
और उसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र गए जहा की मधुमंखी पालन के बारे में जानकारी प्राप्त किए।
अंत में आत्म दुमका गए जहा भार्मिकोमपोस्ट के बारे में विस्तृत जानकारी मिली है। इसमें पार्टिसिपेट हुवे छात्रों कि संखिया 60 है । जिसमे के मुख्य रूप से सिकंदर अंसारी , साक्षी सोनम , पूजा कुमारी , शालिनी रिया , मेराज अंसारी , अल्कामा अंसारी, अमृता मंडल, मंजू हंसदा , मुस्तफा अंसारी , इकरामुल अंसारी, नुशी अग्रवाल, मोशमी शाह , राज नंदनी, अलका कुमारी आदि छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया ।
यह जानकारी राष्ट्रीय सेवा योजना, ईकाई-5 के कार्यक्रम पदाधिकारी
प्रो॰ अन्हद लाल ने दिए।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/wh6p