केन्द्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल 14 से 16 सितंबर तक अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित जी20 ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में जी20 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बैठक का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा, ऊर्जा अवसंरचना और मजबूत सप्लाई चेन पर रहेगा। मंत्री तीन प्रमुख सत्रों में हिस्सा लेंगे, जिनमें एनर्जी सिक्योरिटी एंड अफोर्डेबल बेसलोड, परमिटिंग एंड रेगुलेटरी एफिशिएंसी और क्रिटिकल मिनरल्स एंड रेजिलिएंट सप्लाई चेन शामिल हैं।
भारत की ओर से मनोहर लाल देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की जा रही भविष्य-केंद्रित ऊर्जा व्यवस्था का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए नियामक और संस्थागत सुधारों से जुड़े भारत के अनुभव भी साझा किए जाएंगे।
बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और विविधीकृत सप्लाई चेन पर भी विशेष ध्यान रहेगा। भारत इस क्षेत्र में विविधीकरण, चक्रीय अर्थव्यवस्था और पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने की अपनी रणनीति को सामने रखेगा।
भारत की भागीदारी वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक प्रयासों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत सुरक्षित, किफायती, विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों के लिए व्यावहारिक तथा सभी देशों की जरूरतों को ध्यान में रखने वाले दृष्टिकोण का समर्थन करता रहा है।