अगला अधिवेशन 2024 में वृंदावन में तथा 2025 में प्रयागराज में होगा
नवगछिया। भवानीपुर टावर चौक के समीप संपन्न हुए तीन दिवसीय अखिल भारतीय संतमत सत्संग महाधिवेशन में सत्संग प्रेमियों का रेला उमड़ पड़ा। जहां संतमत के वर्तमान आचार्य परमहंस हरिनंदन जी महाराज ने कहा कि सभी लोगों को मंगल देता हूं। यह संसार दुखों का घर है। कर्म के अनुसार सुख दुख आता जाता है। जो संत की शरण में रहते हैं, उनका दुख टल जाता है। हमे संत की शरण में रहना चाहिए। वहीं निर्मलानंद बाबा, स्वामी प्रमोद बाबा, गुरु सेवी भागीरथ बाबा एवं अन्य संत महात्माओं द्वारा दूसरे दिन भी प्रवचन दिया गया। प्रवचन के कार्यक्रम में गुरु सेवी भागीरथ बाबा ने कहा की गुरु के बताए नाम का जाप करना चाहिए। जाप करने में पुरुषार्थ भी करना चाहिए। सत्य प्रकाश महाराज ने कहा कि परमात्मा अनुभव का विषय है। परमात्मा का वर्णन करना संभव नहीं है। परमात्मा अनंत हैं। गुरु को ईस्ट मानकर परमात्मा की प्राप्ति की जा सकती है, लेकिन गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज जैसा होना चाहिए। अपने इष्ट के आत्म स्वरूप को जानिए। राम से प्रेम करना चाहते हो तो प्राणी मात्र से प्रेम करना होगा। परमात्मा के समान दूसरा कोई नहीं है। ईश्वर विश्वास का विषय है। यहां के लोग बहुत भाग्यशाली हैं। जिन्हें इतने संत महात्माओं के दर्शन हुए। ईश्वर एक है, लेकिन उनके नाम अनेक हैं। जिस तरह जल को पानी और वाटर कहते हैं, लेकिन तत्व तो एक ही है। उसी तरह ईश्वर एक ही है लेकिन उनके नाम और धर्म अनेक हैं।
इस मौके पर घोषणा की गई कि 2024 में अगला अखिल भारतीय संतमत सत्संग का कार्यक्रम वृंदावन में होगा तथा 2025 में अखिल भारतीय संतमत सत्संग का कार्यक्रम महाकुंभ प्रयागराज में होगा। अधिवेशन को सफल बनाने में महासभा के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव, मुकेश जयसवाल, महामंत्री दिव्य प्रकाश, मंत्री राजेंद्र मेहता, राजकुमार जयसवाल, रामचंद्र शाह, महेंद्र मेहता, डॉ ललन कुमार, केवी यादव, जयप्रकाश यादव एवं अन्य लोगों के साथ साथ स्थानीय सत्संग कमेटी के अध्यक्ष संतोष कुमार कनोडिया, अजय यादव, नरेंद्र जयसवाल, वीरेंद्र यादव, स्वामी पंकज बाबा, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया, पुष्कर कुमार, बलराम यादव, फुल बाबा, वीरेंद्र बाबा, सुरेंद्र बाबा, नंदलाल यादव एवं स्थानीय ग्रामीण लोग आयोजन सफल बनाने में सक्रियता से लगे थे। साथ ही एनसीसी और आरएसएस के स्वयं सेवक भी काफी सक्रिय देखे गए। मंच संचालन ओम प्रकाश मंडल द्वारा किया गया।
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