नीति आयोग की सहयोगी संस्था पिरामल फाउंडेशन द्वारा जनपद दुमका के दुमका ब्लॉक में चिरुडीह उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों की उपस्थिति और रूचिपूर्ण भागीदारी बनाये रखने के लिए पिरामल से सुम्बुल नाज़ द्वारा नवाचार किया जा रहा हैं। स्कूल का समय बच्चों के लिए आनंददायीं होने के साथ-साथ रचनात्मक और विश्लेषणात्मक मस्तिष्क विकसित करने का एक शानदार अवसर है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में रचनात्मक दीवार पेंटिंग के माध्यम से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ उनके लिए एक मजेदार सीखने की जगह बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं। एक कक्षा में कई सब्जेक्ट से जुड़ी शैक्षिक दीवार पेंटिंग कराया गया। चित्रों के माध्यम से बच्चों को आकर्षक और आसानी से सिखाया जा सकता है। स्कूल में विभिन्न शैक्षिक पेंटिंग बच्चों में हर दिन स्कूल जाने के लिए उत्सुक होने के साथ-साथ सीखने के लिये जिज्ञासा पैदा करने में मदद कर रहे हैं। इसलिए हर दिन एक कक्षा मध्याह्न भोजन के बाद स्मार्ट क्लास में चलायी जाएगी जिसके माध्यम से विभिन्न प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक वीडियो के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा । ये क्लासरूम डिजाइन सुबुल ने शिक्षकों की मदद से खुद डिज़ाइन किया है स्कूल में ये क्लासरूम डिजाइन करने का उद्देश्य बच्चो में ऐक नई कल्पना जो पढ़ाई के डर को लेकर है उसे दूर करना है।
पिरामल फाउंडेशन द्वारा बच्चों की उपस्थिति और रूचिपूर्ण भागीदारी बनाये रखने के लिए किया जा रहा हैं नवाचार
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