देवघर। स्थानीय देवघर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के युग्म बैनर तले जुलाई माह में आयोजित होने वाले समारोह में सीबीएसई, आईसीएसई, झारखंड एकेडेमिक कौंसिल व अन्य बोर्ड द्वारा आयोजित माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की वार्षिक परीक्षा में अस्सी प्रतिशत एवं उससे अधिक अंक लाने वाले सफल विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘स्वामी विवेकानंद टैलेंट अवार्ड’ की मानद उपाधि से अलंकृत एवं विभूषित किया जाएगा। इसकी जानकारी चैम्बर के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी व वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने युग्म रूप से दी। प्रतिभागियों को 1 जुलाई तक रेजिस्ट्रेशन फॉर्म, मार्कशीट की प्रतिलिपि के साथ होटल न्यू ग्रैंड में लिफाफा के अंदर जमा करना होगा। मौके पर रवि केशरी ने कहा- स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्हें 2 मिनट का समय दिया गया था किन्तु उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण का आरम्भ “मेरे अमेरिकी बहनों एवं भाइयों” के साथ करने के लिये जाना जाता है। उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था।