आंगों में खटियानी महाजुटान का आयोजन, उमडा जनसैलाब

भाषा व संस्कृति को बचाने के लिए अपनी जमीन बचाए : जयराम महतो

चरही| प्रखण्ड के आंगो पंचायत के घुटवा फुटबॉल मैदान में झारखंडी भाषा खतियान समिति के संयुक्त तत्वाधान में खतियानी महाजुटान का आयोजन झारखंडी भाषा , खतियान संघर्ष समिति आंगो / कीमो / बेड़म के बैनर तले जनसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महाजुटान कार्यक्रम में मुख्य रूप से 1932 खतियान आंदोलन के चर्चित चेहरा जयराम महतो व मोतीलाल महतो अपने साथियों के साथ सरकार के गलत नीतियों और बाहरी लोगों पर खूब बरसे । झारखंड के हित की बात करने वाला नेता जयराम महतो मुख्य वक्ता के रूप में शामिल रहे। श्री महतो ने कहा की हम झारखंडी को अपनी भाषा , संस्कृति को बचाये रखने की जरूरत है। श्री महतो ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड राज्य की आजादी आज का संघर्ष का मेहनत नही है, 88 साल संघर्ष के बाद 88 हज़ार की कुर्बानी के बाद झारखंड राज्य मिला है। राज्य बनाने में कई लोगों ने त्याग और बलिदान दिया है और आज उसकी भाषा संस्कृति छीन कर उसके पहचान को खत्म किया जा रहा है। भारत के सभी राज्यों की अपनी अगल पहचान है। उन्होंने आगे कहा कि हम लोग इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि झारखंड कितना मेहनत से लिया गया है। विनोद बाबू कहते थे कि पढ़ो और लड़ो। हम सभी को शिक्षा के प्रति विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शराब पर सभी कोई रोक लगाये ।हम झारखंडी कमजोर नही है यहां के झारखंडी शारीरिक बल मानसिक बल व धनबल से परिपक्व है बस जरूरत है तो हम झारखंडी को एक बड़ी उलगुलान करने की जरूरत है। जबतक झारखंड में किसी तीसरी बड़ी पार्टी का सरकार नही बनती है तबतक हम झारखंडी का कल्याण नही हो सकता है। चाहे हेमन्त की सरकार हो या फिर बीजेपी पार्टी की सरकार सभी झारखंड को लूटने का काम कर रही है। हम सभी को 2024 में इसका मुंहतोड़ जबाब देने की जरूरत है।
 इसी अभियान के तहत हम गांव-गांव घूमकर महिला – पुरुषों बड़े बूढ़ों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। एक साल के भीतर लगभग 1300 जनसभा कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है जिसमें साढ़े चार सौ परमिशन के तहत जनसभा का आयोजन किया गया है ।
  उन्होंने बेरमो क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि आज वहां के मूल निवासियों के पास कुछ भी जमीन नहीं बची है। वहां कंपनी और बाहरी लोगों के द्वारा जमीन को लूट लिया गया है। चुरचू और आंगो में अभी कोई कंपनी नहीं आई है, इसलिए यह खेत खलियान देखने को मिल रहा है। बेरमो, फुसरो, झरिया, चंद्रपुरा, कतरास में भी ऐसा था परंतु अब वहां एक बित्ता जमीन भी ऐसा नही बचा है। उन्होंने कहा की हम सभी को इसपर मंथन करने की जरूरत है। वर्तमान सरकार जिस तरह 60/40% प्रतिशत नियोजन नीति के तहत यहां के लोगो को गुमराह करने का काम कर रही है । झारखंड में चाहे रघुवर की सरकार की बात करें या फिर हेमंत की सरकार सभी यहां की युवाओं का हक अधिकार को लूटने का काम कर रही है।
      शराब की लत से सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है।
 जिस तरह 60/40 नीति की वजह से रघुवर को फेका गया था , उसी तरह अगर समय रहते हेमंत सरकार झारखंडी के हित में काम नही करती है तो आनेवाला समय से सरकार को गिरा दिया जाएगा।
       वही समाजसेवी नकूल महतो ने भी कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए कहा की जिस तरह टेकलाल महतो को घर – घर चंदा कर चुनाव लड़ाने की काम किया था उसी तरह जयराम महतो को भी घर – घर से दो मुठी चावल व पैसा देकर चुनाव लड़वाने की जरूरत है।
   इस जनसभा कार्यक्रम में प्रखण्ड के आंगो पंचायत के अलावे मांडू प्रखण्ड के कीमो पंचायत ,टाटीझरिया प्रखण्ड के बेड़म पंचायत के कई गांव के महिला – पुरुष ने सभा भाग लिया। मौक़े पर मुख्य रूप से पूर्व उप प्रमुख दुर्योधन महतो , युवा नेता महेंद्र महतो , संजय महतो आंगो पंचायत पूर्व मुखिया धानेश्वर महतो आंगो पंचायत मुखिया सीतामुनी देवी, उपमुखिया प्रमिला देवी, किशोर महतो, दिनेश महतो, राजकुमार महतो, जयनाथ पटेल, संजय महतो, दशरथ महतो , भैरो महतो, चेतलाल महतो, लक्ष्मी करमाली, भूपेंद्र महतो, देवकुमार महतो ,जयनाथ कुमार महतो, कोलेश्वर महतो, पुसन महतो, विपिन महतो, डॉ प्रमोद महतो, संजय महतो ,आर्यन राज, सरयू महतो, नारायण महतो, किशोर महतो, विनय समेत कई लोग शामिल थे।
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