बन्द को मिल रहा व्यापक समर्थन, खाद्य वस्तुओं का व्यापार और उत्पादन दोनों ठप
व्यापारियों को दुकानें बंद कर सड़क पर उतरने और जनता को होने वाली कठिनाइयों के लिए राज्य सरकार दोषी
बाजार समिति शुल्क से किसे फायदा और इसके क्या औचित्य - सामने आकर व्यापारियों से करें संवाद : चैम्बर
देवघर। झारखण्ड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक और इसकी आड़ में 2 प्रतिशत बाजार समिति शुल्क को सरकार द्वारा फिर से लाने की कोशिश के विरोध में व्यापारियों का आन्दोलन और सशक्त होते जा रही है। फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर के अनिश्चितकालीन बन्दी के आह्वाहन पर देवघर में संप चैम्बर की अगुवाई में आज दूसरे दिन भी खाद्य वस्तुओं की खरीद-बिक्री और उत्पादन पूरी तरह से ठप रहे। खाद्यान्न की सभी छोटे-बड़े गल्ला और किराना दुकानों के शटर आज भी नहीं उठे। आलू-प्याज और सब्जी की थोक मंडियां, पशुआहार के थोक विक्रेता, छोटे-बड़े आटा, तेल, मसाला चक्की भी बंद रहे। देवघर के मुख्य बाजार के अलावे जसीडीह, रोहिणी, सारवां, सोनारायठाड़ी, सारठ, पालाजोरी और मधुपुर में भी खाद्य वस्तुओं का व्यापार ठप रहा। देवघर के व्यापारी पूरी एकजुटता के साथ आन्दोलन को जारी रखते हुए सड़कों पर उतरने से भी परहेज नहीं कर रहे। आज 11 बजे सभी व्यावसायिक संगठन के लोग लक्ष्मी बाजार में जुटकर फिर से शहर के बाजारों में पैदल मार्च और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। इसके बाद लक्ष्मी बाजार से बाजला चौक होते हुए देवसंघ तक और फिर स्टेशन, बेलाबगान होते हुए जसीडीह और उसके बाद रोहिणी होते हुए वापस लक्ष्मी बाजार तक बाइक रैली कर व्यवसायियों को बन्दी के प्रति उत्साहित किया गया।
दूसरी तरफ पुनः संध्या 4.30 बजे व्यवसायी जुटकर कृषि मंत्री के विरुद्ध और जोरदार प्रतिरोध करने का निर्णय लिया। व्यापारियों ने एक स्वर से कहा कि कृषि मंत्री श्री बादल भ्रामक बयान और केन्द्र के गाइडलाइन्स का हवाला देकर कृषि बाजार शुल्क को जायज बता कर किसान, व्यापारी और जनता को गुमराह न करें। अगर बाध्यता है तो अभी उसी महीने कृषि प्रधान राज्य उत्तरप्रदेश में यह मंडी शुल्क कैसे हटाया गया। पड़ोसी राज्यों बिहार, बंगाल में ये शुल्क क्यों नहीं। चैम्बर ने कहा है कि आखिर कृषि मंत्री सामने आकर व्यवसायियों से क्यों नहीं मिलते। संप चैम्बर अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने कहा कि चैम्बर ने श्री बादल से देवघर में मिलने का कई बार प्रयास किया लेकिन वे मिलने से भागते रहे। बादल जी को सामने आकर व्यापारियों से संवाद करना चाहिए।
देवघर जिला खुदरा दुकानदार संघ अध्यक्ष नारायण टिबड़ेवाल और सचिव संजय कुमार बर्णवाल ने बताया कि जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए, व्यापारियों को इंस्पेक्टर राज और अवैध वसूली जद में जाने से बचाने के लिए इस राज्य स्तरीय बन्दी और कृषि बिल का विरोध जारी रहेगा और सरकार को झुकना पड़ेगा। सरकार को जनता को यह बताना ही होगा कि जब पहले की सरकार ने इस टैक्स को हटा दिया था तो फिर से यह टैक्स दुबारा लाने की क्या जरूरत। बैद्यनाथ चैम्बर के अध्यक्ष पंकज पंडित ने कहा कि व्यापारियों को किसी भी सूरत में यह मान्य नहीं होगी। यह कला कानून और जजिया कर किसी भी सूरत में व्यापारियों को मंजूर नहीं होगी। सरकार को अपने कदम वापस करा कर ही हम दम लेंगे। संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने सभी खुदरा व्यापारियों से अपील किया है कि आप सब हिम्मत रखें और अनिश्चितकालीन बन्द में डटे रहें, हम विजयी होकर रहेंगे। शहर के बाहरी इलाकों और सभी प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों के खाद्यान्न व्यापारी भी आगे बढ़कर अपना व्यापार बन्द रखें और आन्दोलन को पुरजोर समर्थन दें। आमजनता और खुद अपने को इंस्पेक्टर राज, अवैध वसूली और महंगाई की मार से बचाने के लिए हमें मिलकर सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंके रखना है। कल भी और आगे भी जब तक सरकार नहीं झुकती ये बन्दी और आन्दोलन देवघर जिले और पूरे राज्य में चलती रहेगी।
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